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कैंसर कोशिकाओं का काल है रामफल – Graviola

  • Dec 12, 2017
  • 3 min read

कीमो थेरेपी से 10 हज़ार गुणा अधिक प्रभावशाली रामफल.

रामफल एक मध्य म श्रेणी का वृक्ष होता है। इसका तना अधिक मोटा नहीं होता। यह पर्याप्त काष्ठीय एवं भूरे वर्ण का होता है। इसकी शाखायें भी पतली एवं भूरे वर्ण की होती है। शाखाओ पर सीताफल की पतियों की भांति पते लगे होते है। रामफल का बाहरी आवरण चिकना होता है, बेल की तरह। बाकी पेड़, पत्ता और फल के अंदर का बीज लगभग एक जैसा होता है। पतों पर विन्यास आम की पतियों के समान होता है। पत्तियां सलंग किनारे वाली होती है। इसके पुष्प छोटे हरे-सफ़ेद तथा फल आलू के समान वर्ण वाले और गूदेदार होते है। इसका गुदा खट्टा मीठा और कषैला होता है। जब यह वृक्ष अपना पर्याप्त आकार ले लेता है, तब इसका छत्रक काफी सुन्दर दिखाई देता है और वृक्ष के नीचे काफी शीतलता रहती है। बहुत सारी विदेशी अध्ययनों से ये बात साबित हुयी है के रामफल जिसको ग्राविओला या एनोना रेटिकोलाटा (ANNONA RETICOLATA) भी कहा जाता है, यह कैंसर के मरीजों के लिए वरदान है. समर्थकों का दावा है कि यह आम कीमोथेरेपी दवाओं की तुलना में पेट के कैंसर की कोशिकाओं को मारने में अधिक प्रभावी है, यह प्रोस्टेट, फेफड़े, स्तन, पेट और अग्नाशय के कैंसर को नष्ट तो करता ही है मगर यह स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता। इस प्रकार से यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है।

The National Cancer Institute ने इस पौधे के पत्तों और स्टेमस (STEMS) का निरिक्षण किया, जिसमे उन्होंने पाया के यह पौधा कैंसर की घातक कोशिकाओं को नष्ट करने में बहुत सहायक है. मगर आश्चर्य इस बात का है के इस रिपोर्ट को कभी सार्वजानिक नहीं किया गया. और यह रिपोर्ट National Cancer Institute (NCI) की आंतरिक रिपोर्ट बन कर रह गयी. सन 1976 से ही ग्राविओला (GRAVIOLA) रामफल पर अनेक अधिकारिक अध्ययन होने शुरू हो गए थे. ग्राविओला (GRAVIOLA) रामफल पर अनेकों शोध हुए, और उनमे यही पाया गया के यह पेड़ अनेकों प्रकार के कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में बहुत बहुत सहायक है. दक्षिण कोरिया के कैथोलिक विश्वविद्यालय में किए गए एक अध्ययन में Graviola के बीज से निकाले गए रसायन स्तन और पेट के कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए इस प्रकार प्रभावी थे जिस प्रकार कीमोथेरेपी में दी जाने वाली cytotoxicity और Adriamycin दवाएं काम करती है. अध्ययनों में यह बात सबसे महत्वपूर्ण रही के ग्रविओला (GRAVIOLA) रामफल सामान्य, स्वस्थ कोशिकाओं को अछूता छोड़ केवल चुनिंदा कैंसर की कोशिकाओं को ही लक्षित करता है। जो के कैंसर के रोग में बेहद महत्वपूर्ण है. क्यूंकि कीमो जैसी थेरपी से अनेक स्वस्थ कोशिकाएं भी नष्ट हो जाती हैं. जिसका अधिकतर प्रभाव बालों की कोशिकाओं पर और पेट की कोशिकाओं पर अधिक पड़ता है. एक अन्य अध्ययन जो कि Journal of Natural Products के द्वारा किया गया जिसमे यह पाया गया के ग्रविओला (GRAVIOLA) रामफल Adriamycin (कैंसर के लिए एक दवा है) से 10000 गुणा अधिक शक्तिशाली है. Purdue University में हुए एक अन्य शोध में यह पाया के ग्रविओला (GRAVIOLA) रामफल वृक्ष में ऐसे अवयव हैं जो कैंसर कोशिकाओं के विकासक्रम को रोक देते हैं. ऐसे सेल्स जो कीमो थेरैपी के दौरान बच जाते हैं, यह उनको भी बढ़ने नहीं देता. Purdue researchers ने अपने अध्ययन में यह भी पाया के ग्रविओला (GRAVIOLA) रामफल शरीर की छः की छः सेल्स लाइन्स तक कैंसर के सेल्स को खत्म कर देता है. Especially यह prostate और pancreatic सेल्स पर बहुत कारगार पाया गया. 

वहीँ Purdue researchers के एक और अध्ययन में यह पाया गया के ग्रविओला (GRAVIOLA) रामफल के पत्तों का सत्व फेफड़ों के ख़राब सेल्स जिनमे कैंसर हो गया है उन को अलग थलग कर के नष्ट कर देता है. और सबसे महत्वपूर्ण बात इन सब अध्ययनों में यह निकल कर आई है के अभी तक इस का कोई भी साइड effect किसी पर नहीं पाया गया. चाहे इसकी अधिक मात्रा ही दी गयी हो. Graviola अर्थात रामफल में Acetogenins होता है जो कैंसर की कोशिकाओं में ATP की मात्रा कम कर देता है. जिससे कोशिकाओं को उर्जा नहीं मिल पाती और वो नष्ट हो जाती हैं. विशेष – दिमाग से जुडी बिमारियों में जैसे Alzheimer’s Disease या इस से अतिरिक्त रोगों में इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि ये NeuroToxic होता है. इसलिए Neuro रोगी इस फल का सेवन ना करें. धन्यवाद. नीचे इन अध्ययनों के सोर्स बताये गए हैं. बुद्धि जीवी और डॉक्टर्स इनको पढ़कर भी अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं. अभी आप हमसे ये जानना चाहेंगे के ये पेड़ कहाँ मिलेगा. तो साब ये पेड़ आपके इर्द गिर्द ही मिल जायेगा.. यह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और साउथ में अनेको जगह पर मिल जायेगा, यह फल सीताफल की तरह ही होता है. हमारा ध्येय आप तक सिर्फ जानकारी पहुँचाना है. और अगर आपके घर आँगन में पेड़ हो तो आप हमको सूचित कर दें ताकि ज़रुरतमंदों को सहायता की जा सके.

हाँ एक बात और इस फल का रस या सत्व आपको अनेक वेबसाइट पर मिल जायेगा जैसे अमेज़न इत्यादि.


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